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vastu problems here is divine healing care

23 Mar, 2021 Vastu Problems Here is Divine Healing Care

Vastu Problems Here is Divine Healing Care

वास्तु समस्या ..... डिवाइन हीलिंग केयर है ना
इसमें कोई शक नहीं है कि उस घर में सुख शांति एवं सम्पन्नता तीनों आती है जो घर वास्तु.सम्मत बना हो। वहीं दूसरी ओर हम देखते हैं कि संबंधित बिल्डर अथवा व्यक्ति ज्ञान के अभाव में या फिर थोडे पैसे बचाने के चक्कर में वास्तु नियमों की पालन ना करते हुए घर अथवा कार्यालय बना लेते हैं। लेकिन जब वे संबंधित स्थान में निवास अथवा व्यापार करते हैं तो उन्हें दिक्कतों का सामना करना पडता है। 
कुछ उदाहरण बताना चाहेंगे। एक सज्जन ने बिल्डर से फ्लेट खरीदकर वहाॅं निवास शुरू किया। उस फ्लेट में दरअसल ईशान कोण में टाॅयलेट बना था। उल्लेखनीय है कि वास्तु के हिसाब से ईशान कोण शिवजी का पवित्र स्थान माना जाता है। वास्तु के अनुसार ईशान कोण पूजास्थान बनाने के लिए श्रेष्ठ माना गया है। उपरोक्त वास्तुदोष के कारण कुछ महीने में ही संबंधित सज्जन को मान-सम्मान, धन एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्या आने लगी।

दूूसरा उदाहरण ऐसी दुकान का बताना चाहेंगे जो उस शहर की सबसे ज्यादा चलने वाली दुकान थी। मगर एक समय ऐसा भी आया कि उस दुकान में पूरे महीने भर दस ग्राहक से ज्यादा नहीं आते थे। यह स्थिति उनके साथ एक साल से अधिक हो गई। उन्होंने हमें एप्रोच किया। हमने उनकी ग्रहों की महादशा के अलावा वास्तु का बारीकि से अध्ययन किया। कुछ सवाल उनसे पूछे। फिर हमने वहां पर परंपरागत वास्तु के अलावा आधुनिक वास्तु के भी कुछ प्रयोग करवाए। हमने पहले ही दिन उन्हें क्लियर कर दिया था कि जैसा कि लोग बोलते हैं रातो-रात चमत्कार हो जाएगाए ऐसा कुछ नहीं होगा। आपको उपाय के साथ कुछ महीने इंतजार करना होगा और उन्होंने ठीक ऐसा ही किया। जहां उनकी ग्राहकी दस ग्राहक प्रतिदिन पर आ गई थीए वह धीरे-धीरे तीन हुई फिर पचास हुई और समय के साथ बढती चली गई।

तीसरा उदाहरण, ऐसे से घर का बातना चाहेंगे जिनके घर का नैरित्य कोण जो कमरा बना था, वह एक फिट नीचे को था। वास्तु में यह कोण राहू का क्षेत्र कहलाता है। उपरोक्त कोण समतल ना होने के कारण संबंधित घर के सदस्यों में अकारण तनाव की स्थिति बनी रहती थी तथा पैसे का बडा भाग दवाईयों पर खर्च होता था। हमारी सलाह से उन्होंने उपरोक्त क्षेत्र को समतल किया था तथा एक अन्य उपाय किया, जिससे उनकी सभी मुख्य समस्याएं ठीक हो गईं। अतः आदर्ष स्थिति यह है कि व्यक्ति घर अथवा कार्यालय बनाने से पूर्व ही वास्तु सलाह लेकर निर्माण करवाये। 

अगर घर,दुकान अथवा कार्यालय बन भी चुका है, तो एडवांस वास्तु के नियमों के आधार पर बिना कोई तोडफोड किए आसान उपायों से भी वास्तुुदोष दूर किया जा सकता है। डिवाइन हीलिंग केयर के प्लेटफार्म पर वास्तु एक्सपर्ट प्रीतिबाला पटेल (+91 9316258163) ने कई प्राॅपर्टीज में अपने अनुभव एवं विभिन्न प्रयोगो के आधार पर बेहतर रिजल्ट दिए हैं, संबंधित प्राॅपर्टीज का वास्तुदोष दूर किया है। 

कई बार व्यक्ति अपना फ्लेट अथवा शॉप बेचना चाहता है, मगर काफी प्रयासों के बाद भी उसे सफलता नहीं मिलती। ऐसे कई केसों में भी वास्तुएक्सपर्ट प्रीतिबाला ने वास्तुसुधार एवं हीलिंग के माध्यम से लोगों को लाभ दिलवाया है। 

वास्तु के तहत वैसे तो कई प्रकार की चीजें देखी जाती हैं। मगर उनमें से आपकी जानकारी के लिए कुछ चीजें यहां बताई जा रही है|

भूखंड का प्रकार - सबसे पहले वास्तु एक्सपर्ट की आवश्यकता घर अथवा कार्यालय बनाने के लिए आप लेने जा रहे हैं, उस समय होती है क्योंकि यह देखना परम आवश्यक होता है कि संबंधित भूखंड किस प्रकार का है तथा वह आपके लिए शुभ होगा कि नहीं। क्योंकि गलत भूखंड के चयन के उपरांत आप उस पर जो निर्माण करवाएंगे, उसमें मुख्य दोष भूखंड का ही बन जाएगा। भूखंड कई प्रकार के होते हैं जैसे. वर्गाकार, आयताकार, वृत्ताकार भूखंड, सूपाकार, धनुषाकार, बाल्टीनुमार, मृदंगाकार, काकमुखी इत्यादि। प्रत्येक आकार के भूखंड का फल अलग-अलग हो सकता है। भूखंड के आकार के अलावा भी कई अन्य चीजें भी संबधित प्लाॅट की देखी जाती हैं जैसे कि वहां की मिटटी। इन सब चीज़ो का भी प्रभाव पडता है।

पानी का स्थान - वास्तुशास्त्र के अनुसार पानी लक्ष्मी को आकर्षित करता है अतः पानी का स्थान बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। चाहे वह आपका घर में बनने वाला अंडरग्राउंड वाटर टेंक हो अथवा खेत या फिर घर में बनने वाला बोरवेल, पानी की टंकी अथवा फिश एक्वेरियम। सही जगह पर यदि बनाते अथवा लगाते हैं तो यह धन को आकर्षित करेगा। गलत जगह पर पानी का स्थान बनाने से पानी से संबंधित कोई प्रोडक्ट रखने पर धन में गिरावट की स्थिति बन सकती है। हमने अक्सर घर एवं कार्यालय में देखा है कि लोग मछलीघर (फिश एक्वेरियम) को गलत दिशा में रख देते हैं और फिर कुछ माह बाद उन्हें धन की समस्या आने लगती है।

वास्तु का रंगों से कनेक्शन - जब हम घर का व्हाइट वॉश करवाते हैं, तो जो रंग हमें पसंद आता है अमूमन उसी रंग का प्रयोग घर की अलग.अलग दीवारों पर करते हैं। आपको आश्चर्य होगा कि यदि हम वास्तु के अनुरूप रंग का प्रयोग घर अथवा कार्यालय की दीवालों पर करें एवं उचित रंग के पर्दों का चयन करें, तो इससे भी हमें अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। घर में यह प्रयोग करने पर शांति का वातावरण निर्मित हो सकता है तथा स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति हो सकती है। वहीं कार्यालय में ऐसा करने पर ग्राहकी अच्छी हो सकती है।

मुख्य द्वार - वास्तु एक्सपर्ट प्रीतिबाला के अनुसार घर का मुख्य द्वार बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा होता है क्योंकि एनर्जी अर्थात ऊर्जा यहीं से घर में प्रवेश करती है। दूसरी महत्वपूर्ण बात यह होती है कि यह किस दिशा में खुलता है क्योंकि मुख्य द्वार ही तय करता है कि आपका घर पूर्वमुखी है, उत्तरमुखी, दक्षिणमुखी अथवा पच्चिम मुखी। इसके बाद बारी आती है कि आपने मुख्य द्वार में किस रंग, आकृति इत्यादि का प्रयोग किया है क्योंकि इन सब का प्रभाव घर के सभी सदस्यों तथा विशेष रूप से घर के मुखिया पर पडता है।

व्यवसाय और वास्तु - प्रीतिबाला बताती हैं कि प्रत्येक व्यवसाय में वास्तु के नियम अलग अलग हो सकते हैं। व्यवसाय क्षेत्र में जो मुख्य बातें वास्तु के अनुसार देखी जाती है वह यह हैं. मालिक का केबिन किस दिशा में हैं, गल्ला जिसे कैश काउंटर कहते हैं वह कहां स्थापित है, संबंधित जगह पर कौन से रंग का प्रयोग किया गया है इत्यादि। उदाहरण के तौर पर किसी व्यक्ति का कार्यक्षेत्र ज्योतिष है, तो उसे कार्यस्थल की दीवारों पर संबंधित ग्रह का रंग करवाने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

बिना तोडफोड वास्तुदोष निवारण - मान लीजिए आपने ऐसा घर अथवा कार्यालय खरीद लिया है जहां वास्तुदोष है। तो ऐसी स्थिति में एडवांस वास्तु के तहत हम कुछेक प्रोडक्ट का प्रयोग करके, घर की एनर्जी में बैलेंस करेंगे। क्योंकि जब भी संबंधित जगह पर वास्तु समस्या है, तो वहां की एनर्जी जरूर प्रभावित हो जाती है। प्रीतिबाला बताती हैं ऐसे में वे आवश्यकता के अनुसार मुख्य रूप से आईना, क्रिसटल, तेज रोशनी के बल्ब, वृक्ष, फिश एक्वेरियम, मूर्ति, श्वेतआर्क गणेश, बांसुरी, आंतरिक साजसज्जा तथा रंग, यंत्र इत्यादि के इस्तेमाल करवाकर वास्तुदोष दूर करवाती हैं। आपको बताना चाहेंगे कि डिवाइन हीलिंग केयर की डायरेक्टर प्रीतिबाला पटेल ने एडवांस वास्तु के तहत उपरोक्त एवं अन्य उपायों से कम समय में बेहतर परिणाम दिए हैं।

स्टडीरूम एवं वास्तु - आपको जानकर आश्चर्य होगा डिवाइन हीलिंग केयर नेे करीब पांच सौ से अधिक केसों में सफलता पाई हैं जिन घर में बच्चों का मन पढाई में नहीं लगता था और वास्तु के उपायों को अपनाकर उनके बच्चों ने अच्छे मार्कस लिए। बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है कि बच्चों का कमरा किस जगह बनाया गया है, उस कमरे में क्या सामान रखा गया है, बच्चों का स्टडी टेबल किस रंग का है, स्टडी टेबल किस दिशा में लगाया गया है, स्टडी रूम में किन रंगों का प्रयोग किया गया है इत्यादि। यदि उपरोक्त बिंदुओं में से एक भी सही नहीं है, तो बच्चों में एकाग्रता की कमी निश्चित रूप से देखने को मिलेगी।

मनमाना वास्तु - आज के समय में यह भी देखने को मिलता है कि लोग यूटयूब में देखकर अथवा प्रचलित बिंदुओं के आधार पर अपने घर एवं व्यापार स्थल का निर्माण कर देते हैं। और फिर संबंधित व्यक्ति को कुछ समय बाद नुकसान उठाना पडता है। अतः हमारी आपको सलाह रहेगी कि प्रोफेशनल वास्तु एक्सपर्ट की सलाह आपको इसके लिए लेनी चाहिए। वास्तु से संबंधित कोई भी प्रयोग किताब में पढकर, दोस्तों की बातों में आकर, सोशल साइट देखकर नहीं करना चाहिए। क्योंकि आपको समझना होगा कि ना तो एक जैसे भूखंड सबके है और ना एक जैसा नक्शा लोगों के घर अथवा कार्यालय के होते हैं अतः वास्तु का उपाय सभी लोगो के लिए कामन एवं उपयोगी होगा, यह जरूरी नहीं।

कार्यालय वास्तु - कई बार जहां पर हम नौकरी करने जाते हैं, तो वहां पर यदि हमें नकारात्मकता लगे तथा हमारे खिलाफ राजनीति होती है अथवा आप प्रमोशन के पात्र हैं तभी भी आपको प्रमोशन नहीं मिल पाता, तो ऐसे में आप आसान उपायों के द्वारा उपरोक्त स्थितियों को कम कर सकते हैं, संबंधित जगह की वास्तुसमस्या ठीक कर सकते हैं। क्योंकि हो सकता है आप गलत दिशा में मुंह करके बैठते हों अथवा सीढियों अथवा पिल्लर के पास आपके बैठने का स्थान हो इत्यादि। क्योंकि उपरोक्त बिंदु बहुत प्रभाव डालते हैं, ऐसी स्थितियों में आपके दिन-रात काम करने के बाद भी सफलता मिल पाना कठिन हो जाता है।

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