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the logo of the company decides success and unsuccess of the company

06 Apr, 2021 The Logo of the company decides success and unsuccess of the company

The Logo of the company decides success and unsuccess of the company

कंपनी का लोगो (मुख्य चिंह्न) भी तय करता है बिजनेस की सफलता/असफलता
आज हम देखते हैं किसी व्यक्ति ने बिजनेस शुरू किया और कुछ वर्षों में उनसे सफलता के पायदन छू लिए। वहीं दूसरी ओर ऐसे भी उदाहरण हमारे सामने हैं जिन्होंने लाखों-करोंडो रूपए लगाकर कंपनी शुरू की और कुछ ही वर्षों में कंपनी का दीवाला निकल गया अथवा वेे कर्ज में डूब गए। 
कुछ उदाहरण लेते हैं। अमिताभ बच्चन की कंपनी एबीसी कॉर्पोरशन लिमिटेड बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाई और कुछ वर्षों में ही कंपनी बंद करनी पड गई। बताया गया था कि अमिताभ बच्चन पर उस समय 90 करोड का कर्ज था। 
वहीं, दूसरी ओर हमारे सामने ऐसी भी कंपनीज के नाम आ जाएंगे जिनका नाम एवं प्रोडक्ट एक छोटे से शहर से निकलकर, पूरे देश में पहुंच गया। आज उनकी सफलता के बारे में पूरा विश्व जानता है। आपके सामने ऐसी कई कंपनीज के नाम होंगे। उनमें से एक नाम है गुजरात के आणंद शहर से काम शुरू करने वाले अमूल का। आज यह ब्रांडनेम के रूप में स्थापित है।

प्रीतिबाला पटेल (डिवाइन हीलिंग केयर) ने देश एवं विदेश की कई कंपनीज के नाम एवं लोगो के आकार, प्रकार, शब्द, रंग इत्यादि की रिसर्च है। उनकी रिसर्च का आधार एक्ट्रो, न्यूमरो एवं वास्तु रहा है और फिर वे इस नतीजें पर पहुंची कि व्यक्ति के नाम को सहयोग करने वाले रंग, अक्षर कंपनी के लोगो में प्रयोग किये जाएं, तो बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। 

प्रीतिबाला ने गत वर्षों में कई बिजनेसमैन एवं प्रोपराइटर को उनकी फर्म के लोगो डिजाइन करने में अपनी सलाह प्रदान की है एवं उनकी फर्म वर्तमान में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। आप भी प्रीतिबाला पटेल से (+91 9316258163) अपनी फर्म के लोगो (मुख्य चिंह्न) के संबंध में परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।

आइए, कुछ महत्वपूर्ण कंपनियों के लोगों की बनावट पर चर्चा करके समझने की कोशिश करते हैं कि क्यों उन कंपनी और उसके प्रोडक्ट को लाभ हुआ।
हुंडई-हुंडई कंपनी की कार के लोगों (मुख्य चिंह्न) के बारे में यदि हम बात करें तो यह हमें अंग्रेजी के अल्फाबेट एच का आकार दिखाई देता है, मगर गौर से देखेंगे तो इस लोगो की थीम दो लोगों को हाथ मिलाते हुए दिखाया गया है जिसका मतलब है ग्राहक इस कंपनी के प्रोडक्ट से खुश है। लोगों में जो सर्कल है वह दर्शाता है यह प्रोडक्ट पूरी दुनिया के लिए बना है। वहीं ज्योतिष की दृष्टि से देखें, तो लोगो का अक्षर कर्क राशि का प्रतिनिधित्व करता है। उल्लेखनीय है कि कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा होता है, जो तेज गति से चलने एवं जनता के बीच प्रसिद्धि के लिए जाना जाता है। अतः एक कारण यह भी बना उपरोक्त कंपनी के प्रोडक्ट को देश विदेश में बिकने एवं प्रसिद्धि का। वहीं दूसरी ओर ओवरआल लोगो चमकीले सिल्वर रंग से बना है, जो कि शुक्र ग्रह प्रतिनिधित्व करता है। उल्लेखनीय है कि शुक्र ग्रह ग्लैमर एवं लग्जीरियस का कारक ग्रह है। कार चूंकि उपरोक्त ग्रह की ही केटेगिरी में आती है अतः सिल्वर रंग के प्रयोग करने से हुंडई कंपनी को सफलताएं प्राप्त हुईं।

अमेजन- ऑनलाइन शॉपिंग के लिए मशहूर कंपनी अमेजन को आज विश्व के देशो में कौन नहीं जानता। आपने स्वयं भी कई बार प्रोडक्ट आर्डर किए होंगे। कुछ साल पहले इसके नीचे एक लाईन बनी होती थी, उसके बाद कंपनी ने इसके लोगो में परिवर्तन किया उस लाइन को ए से लेकर जड अक्षर तक तीर लगाकर खींचा गया। जिसका आशय यह हुआ कि अमेजन पर दुनिया का हर सामान मिलता है। मित्रों इस लोगो में अमेजन शब्द सफेद अक्षर से लिखा गया है तथा इसके नीचे की लाइन नारंगी रंग से लिखी गई है। अमेजन अपने आप में एक नदी का नाम है इसलिए सफेद रंग का इस्तेमाल किया गया है और वास्तु के हिसाब से इसमें एनर्जी देने के लिए नारिंगी रंग की लाइन का इस्तेमाल किया गया है। नारंगी रंग सूर्य एवं मंगल ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है।

नोट- उपरोक्त दोनों कंपनीज के लोगो (मुख्य चिंह्न) के उदाहरण में हमने जनरल बातों को ही उल्लेख किया है। जो आप आसानी से समझ सकें। उपरोक्त के अलावा भी हम कई टेक्नीकल बिंदु बता सकते हैं, मगर वह आपके समझने के हिसाब से थोडा कठिन होगा। कुल मिलाकर ज्योतिष, वास्तु एवं न्यूमरोलाॅजी के माध्यम से जब किसी कंपनी के लिए लोगो का निर्माण किया जाता है, तो कई अन्य पहलुओं पर ध्यान दिया जाता है। जैसे कि व्यक्ति अथवा कंपनी का उत्पाद क्या है। यदि उत्पाद लोहे से संबंधित है, तो संबंधित व्यक्ति तथा कंपनी की नामराशि में हमें शनिग्रह की स्थिति भी देखनी होगी कि वह कितना शुभ है। इसके अलवा तात्कालिक गौचर में उसकी स्थिति कैसी बनी हुई है। उपरोक्त के अलावा अंकशास्त्र के अनुसार भी हमें संबंधित कंपनी अथवा कंपनी मालिक का नाम और लोगो का नाम जो मुख्य अंक होता है, उसका कॉंबिनेशन देखना होता है। फिर बारी आती है एडवांस वास्तु की। लोगो के रंग, शब्दों का चयन, बाक्सिंग, रूल देखनी होती है। पंचतत्वों का बैलेंस संबंधित लोगो में हो रहा है, यह भी ध्यान देने वाला बिंदु है।

अब हम बात करने जा रहे हैं ऐसी कंपनी के लोगो (मुख्य चिंह्न) की जिसका उत्पाद प्रिंटिंग यूनिट था। वहां बैनर, स्टेंडी मटीरियल इत्यादि प्रिंट होते थे। चूंकि हम अपने क्लाइंटस की गोपनीयता को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं इसलिए हम यहां पर केस हिस्ट्री की चर्चा करेंगे, कंपनी के लोगो अथवा कंपनी ओनर का नाम जाहिर नहीं कर रहे हैं। उपरोक्त प्रिंटिंग यूनिट ने अपने मन से कंपनी का नाम रखा था तथा लोगो भी स्वयं ही डिजाइन किया था। ज्योतिष के हिसाब से उपरोक्त सज्जन से मार्केश के अक्षर से कंपनी का नाम रखा था। मंगल ग्रह उनकी जन्मपत्रिका में पीडित थे और उनकी कंपनी के लोगो का रंग लाल था, जो मंगल ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है। परिणामस्वरूप उन पर लोन चढता चला गया और अंततः वह सज्जन दीवालिया हो गए। तो कुल मिलाकर बहुत जरूरी हो जाता है कि किसी फर्म अथवा कंपनी के लोगो (मुख्य चिंह्न) का क्या नाम है, वह किस रंग का है इत्यादि।

इसके अलावा जैसे व्यक्ति अपनी कंपनी के लोगो में फूल, पत्ती, पेड, देवी-देवता की फोटो अथवा उनके अस्त्र, बिंदी, रूद्राक्ष इत्यादि को लगा लेते हैं, उपरोक्त सभी का संबंधित लोगो के वास्तु पर प्रभाव डालता है तथा उन सभी की एनर्जी लोगो (मुख्य चिंह्न) में इनवाॅल्व हो जाती है। अब देखने वाली बात उपरोक्त बिन्दुओ की एनर्जी की जरूरत संबंधित लोगो में है की नहीं। एनर्जी की अधिकता तो नहीं हो रही, यदि हो रही है तो फिर उसे बैलेंस करना पडेगा इत्यादि। यही कारण है कि एक लोगो के परामर्श देने में हमें दो से तीन हफ्ते तक लग जाते हैं। क्योंकि हमारा उद्देश्य एक मात्र यह रहता है कि संबंधित लोेगो से हमारे क्लाइंट को फायदा हो, उनका व्यापार बढे।

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